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Friday, 23 August 2013

दामिनी की स्मृति में



जहाँ कहीं भी 
हो नारी का सम्मान 
बसें देवता 
***
अजीब व्याख्या 
करें चीरहरण 
पूजते नारी 
***
बदले युग 
मानव तुम कभी 
हुए ना सभ्य
***

2 comments:

  1. बहुत सटीक, आशा है दामिनी के बलिदान से हम कुछ सबक सीखेंगे.

    रामराम.

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  2. सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति. कमाल का शब्द सँयोजन
    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    http://madan-saxena.blogspot.in/
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