अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
सारिका मुकेश का ब्लॉग
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हमारे लिए ऊर्जा के परम-स्रोत...
Saturday, 3 August 2013
आज का आदमी
अपनी ही पूँछ को
मुँह में भर लेने की
पवित्र इच्छा लिए
पागल कुत्ते की भांति
दौड़ता रहता है
आज का आदमी
घूमता रहता है गोल-गोल
जैसे दौड़ती रहती है
सेकण्ड की सुईं
घड़ी के वक्ष पर
रात-दिन.
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