अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
सारिका मुकेश का ब्लॉग
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Monday, 3 June 2013
क्या तुमने देखी है ऐसी कविता
नंगों का
ढक दे तन
भूखों की
मिटा दे भूख
प्यासे को
पिला दे पानी
बूढे को
दिला दे यौवन
यौवन में
ला दे बचपन
क्या तुमने
देखी है कहीं
ऐसी कविता.
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