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Sunday, 26 January 2014

शब्दों के पुल



शब्दों के पुल

आड़ी-तिरछी
जीवन की डगर
सँभलकर
***    
जुड़ें हैं हम
विविध होकर भी
ज्यों मालगाड़ी
***    
मिलाए छोर
जीवन और मृत्यु
शब्दों के पुल

***     

7 comments:

  1. सुन्दर हाईकू !
    ६५ वीं गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं !
    नई पोस्ट मेरी प्रियतमा आ !
    नई पोस्ट मौसम (शीत काल )

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    1. हार्दिक आभार:-))
      सारिका मुकेश

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (27-01-2014) को "गणतन्त्र दिवस विशेष" (चर्चा मंच-1504) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    ६५वें गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. हार्दिक आभार:-))
      सारिका मुकेश

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  3. Replies
    1. हार्दिक आभार:-))
      सारिका मुकेश

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  4. bahut hi saral par achhi goodh arth lliye rachna
    shubhkamnayen

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