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Thursday, 2 January 2014

नव-वर्ष पर



हमारे पूर्व प्रधानमंत्री, कवि, पत्रकार और एक कुशल वक्ता माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी  जी की इन पंक्तियों पर आज एकाएक ही मेरी नज़र पड़ी तो सोचा नव-वर्ष के अवसर पर आज इन्हें यहाँ आप सबसे साझा कर लिया जाए:

दिन जाते देर नहीं लगती,
देखते-देखते एक वर्ष बीत गया;
लंबी प्रतीक्षा का वर्ष,
कठिन परीक्षा का वर्ष;
आपका विश्वास, हमारे प्रयास;
कालिमा छँटने लगी है,
निराश मन में नई आशा जगी है;
सभी सपने साकार करना है,
मिलकर रास्ता पार करना है;
आइए,
संकल्प दोहराएँ,
नई सदी को भारत की सदी बनाएँ। 
 (श्री अटल बिहारी वाजपेयी)

3 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शुक्रवार (03-01-2014) को "एक कदम तुम्हारा हो एक कदम हमारा हो" (चर्चा मंच:अंक-1481) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    ईस्वीय सन् 2014 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बहुत अच्छी कविता है \ईमानदार संकल्प !
    नया वर्ष २०१४ मंगलमय हो |सुख ,शांति ,स्वास्थ्यकर हो |कल्याणकारी हो |
    नई पोस्ट विचित्र प्रकृति
    नई पोस्ट नया वर्ष !

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